पाखंड
डेरा वाद और पाखंडी पंडित पुरातन समय से ही किसी गुरू का हमारे जीवन और भारतीय संस्कृति में बहुत बड़ा महत्व रहा है क्योंकि सच्चा गुरु हमें सदैव हमेंं केेेवल और केवल सत्य का मार्ग दिखलाता है जिस पर चल कर हमारा ना केवल हमारा कल्याण हो सकता है बल्कि हमें परमात्मा की प्राप्ति हो सकती है या हमें मोक्ष की प्राप्ति हो सकती है सच्चा गुरु हमें तमाम समाजिक बुराइयों से बचने का उपदेश भी देता है। इससे पहले कि आप लोगों की भावनाएं आहत हो में आप लोगों और आपके श्रद्धा भाव से माफी मांग लेना उचित समझता हूँ और यह नैतिकता की दृष्टि से भी जरूरी है मुझे संन्यास ले कर तपोवन में तपस्या करने वाले महात्माओ से कोई आपत्ति नहीं है क्योंकि वह सत्य को जान चुके हैं उनका मूल उद्देश्य मोक्ष की प्राप्ति और संसार के समस्त जीवों का कल्याण करना है। यदि में अंहकार वश उनका अनादर करूँ तो मुझ से बड़ा मूर्ख ...