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Showing posts from 2017

2 रूपये वाले डाक्टर साहब

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                            Dr Virendra Kumar Oberoi ji                             Anand Parbat                              2 ₹ वाले डाक्टर साहिब जी हमारे देश में डाक्टरों को भगवान का दर्जा दिया जाता है पर आज के बदलते समाज में कुछ लालची डाक्टरों ने अपने इस महान पेशे को पैसे कमाने का एक असान धंधा बना लिया है ऐसे लालची डाक्टर चाहे वह छोटे हो या बड़े या तो मरीज की हैसियत देखकर इलाज करते हैं या हेल्थ इंश्योरेंस प्लान। सभी ईमानदार डॉक्टर्स से क्षमा का जाचक हूँ। • हार्ट अटैक हो गया डॉक्टर कहता है Streptokinase इंजेक्शन ले के आओ इंजेक्शन की असली कीमत 700 से 900 ₹ के बीच है पर उसपे MRP 9000 ₹ का है। आप क्या करेंगे ? • टाइफाइड हो गया डॉक्टर ने लिख दिया कुल 14 Monocef लगेंगे होल सेल दाम 25 ₹ है। अस्पताल का केमिस्ट आपको 53 ₹ में देता है  आप क्या करेंगे ? • किडन...

फुटपाथ फर फ्री क्लिनिक

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सिक्ख धर्म में गुरूनानक देव जी ने कहा है - “विच दुनिया सेव कमाईए ता दरगह बैसन पाईए. " गुरु जी के इन्हीं सिद्धांतों पर चलते हुए सरदार कमलजीत सिंह जी और उनके सहयोगी मानवता की सच्ची मिसाल पेश कर रहे हैं। वह हर रोज दिल्ली के चांदनी चौक में से स्थित गुरुद्वारा सीसगंज साहिब के सामने सुबह 8 से 10 बजे तक फिर  निगम बोध घाट पर 11  से 1 बजे तक लगने वाले फुटपाथ क्लीनिक में हर रोज न जाने कितने गरीब मजदूरों, बेसहारों का मुफ्त इलाज करते हैं। इन चलते फिरते क्लीनिकों का सारा जिम्मा सरदार कमलजीत सिंह जी और उनकी टीम उठाती है। वे पिछले 27 सालों से दिल्ली में 7 अलग-अलग जगहों पर फुटपाथ क्लिनिक की सेवाएं मुफ्त दे रहे हैं सरदार कमलजीत सिंह सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं वे बताते हैं कि उनके पिता त्रिलोचन सिंह झाड़ू वाले वीर जी ने उन्हें लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उनके पिता जी ने ही 1989 में इस क्लिनिक की शुरुआत की थी, जिसे सरदार कमलजीत जी न केवल आगे बढ़ा रहे हैं बल्कि उसका विस्तार भी कर रहे हैं। उनकी टीम में अभी इस वक्त लगभग 500 से ज्यादा वॉलंटीयर चार एलोपैथी और दो होम्यापैथी डॉक्टर ...

Sachkhand Express Langar Sewa

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Langar Sewa at New Delhi Railway Station सचखंड एक्सप्रेस लंगर सेवा नई दिल्ली नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नम्बर 3 पर हर रोज हजूर साहिब से आने वाली 12715 सचखंड एक्सप्रेस में लंगर बांटने की सेवा की जाती है। गाड़ी के प्लेटफार्म पर पहुंचने से पूर्व ही सेवादार लंगर लेकर प्लेटफार्म पर पहुंच जाते हैं और बड़े ही श्रद्धा भाव से लगभग सभी डिब्बों में हर यथासंभव लंगर बांटने का प्रयास करते हैं। पर 20 मिनट में पूरी ट्रेन में लंगर बांट पाना कोई आसान कार्य नहीं है इसके लिए अच्छे खासे दम खम की आवश्यकता पड़ती है। जिसमें थोड़ी भूल चूक हो जाना स्वाभाविक है। इसके लिए सभी सेवादार यात्रियों से भी विवेकपूर्ण व्यवहार की आशा करते हैं कि वह केवल अपने बारे में ना सोचकर के पूरी ट्रेन के बारे में सोचें तो कलयुगी प्रभाव से बचा जा सकता है। यह सेवा अकाल पुरूख वाहेगुरू जी के हुक्म से भाई दया सिंह जी चैरिटेबल सेवा ट्रस्ट ( झाड़ू वाले पिता जी) द्वारा चलाई गई थी पिता जी के स्वर्ग वास के बाद भी उनके  बच्चों ने एवं ट्रस्ट के साथ जुड़े श्रद्धालुओं ने इस सेवा को निरंतर जारी रखा है। इस ट्रस्ट की और भी कई निष...