गुलाम भारत


                              गुलाम भारत 

1757 में प्लासी के युद्ध में रॉबर्ट क्लाईव के नेतृत्व में ईस्ट इंडिया कंपनी ने बंगाल के नवाब सिराजुद्दौला को पराजित कर दिया इसके साथ ही भारत में ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन स्थापित हो गया। उस समय की भारत की राजनीतिक परिस्थितियों पर रॉबर्ट क्लाईव ने अपनी डायरी में एक नोट लिखा था जो कि कुछ इस प्रकार से था।

प्लासी का युद्ध जीतने के बाद जब हमने शक्ति प्रदर्शन के लिए भारत में विजय जुलूस निकाला तो विभिन्न धर्मों जातियों एवं दलों में बटे हुए भारत के मुर्ख लोग हमारा तालियों से स्वागत कर रहे थे में यह देख कर में बेहद हैरान था कि वह लोग अपने हि राजा के हारने पर बहुत खुश थे।

जबकि इसके विपरीत यदि वहां मौजूद तमाम लोग बजाय तालियाँ मारने के यदि एक साथ मिलकर एक एक पत्थर भी हम पर मारते तो हम 3000 अंग्रेजो को जान के लाले पढ़ जाते और भारत कभी गुलाम नहीं होता।

निष्कर्ष : आज भी भारत की राजनीति परिस्थितियों में कुछ खास बदलाव नहीं आया है आप क्या सोचते हैं ?

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