गुरू तेग बहादर हिंद दी चादर
जब इस देश पर औरंगजेब का शासन था तब वह कश्मीरी पंडितों तथा हिंदुओ पर बहुत अत्याचार कर रहा था उनका धर्म संकट में था वह उन्हें जबरन मुसलमान बना रहा था उसके जुलम से तंग आकर यह सभी लोग सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के पास सहायता के लिए पहुंचे तब उन्होंने इनसे कहा आप सभी लोग घबराए नहीं बल्कि औरंगजेब से जाकर कहें यदि वह गुरु साहिब को धर्म परिवर्तन के लिए मना लेगा तो हम सब लोग स्वयं अपनी इच्छा से इस्लाम कबूल कर लेंगे। मुगल शासक औरंगजेब ने जब गुरू महाराज को इस्लाम कबूल करने को कहा तो इस पर गुरु साहब ने कहा सीस कटवा सकते है केश नहीं। इस बात पर मुगल शासक तिलमिला उठा उसने सबके सामने दिल्ली के चांदनी चौंक में गुरू महाराज का सीस काटने का हुक्म जारी कर दिया। गुरू जी को 1675 में दिल्ली में लाल किले के सामने शहीद कर दिया गया। श्री गुरु तेग बहादुर जी की इस शहीदी से धरती-अंबर काँप उठे दुनिया का चप्पा-चप्पा शहादत के आगे नतमस्तक था उन्होंने समाज के भले के लिए अपने प्राणों को बलिदान दे दिया था। “तिलक जंजू राखा प्रभ ताका, कीनो बड़ो कलू महि साका” दिल्ली में यहां गुरू म...